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मां का विश्वास: हार से जीत तक
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बार-बार की असफलता
विवेक ने कई नौकरी इंटरव्यू दिए, लेकिन हर बार रिजेक्शन मिला। धीरे-धीरे उसने खुद पर शक करना शुरू कर दिया।
उसे लगता था कि अब शायद उससे नहीं होगा। तभी उसकी मां ने कहा - "हार मानना तुम्हारा स्वभाव नहीं है।"
मां की सीख
मां ने विवेक को रोज़ एक घंटा skill improve करने और एक mock interview देने का नियम दिया। उन्होंने कहा, "रिजेक्शन तुम्हारी पहचान नहीं, तुम्हारी तैयारी का संकेत है।"
सीख: जब खुद पर भरोसा कम हो जाए, तब अपने करीबियों का विश्वास हमें दोबारा खड़ा कर देता है।
जीत का दिन
दो महीनों की लगातार तैयारी के बाद विवेक ने फिर इंटरव्यू दिया। इस बार वह घबराया नहीं, क्योंकि वह सच में तैयार था।
उसे नौकरी मिल गई। उसने सबसे पहले अपनी मां को फोन किया और कहा - "आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताकत था।"
